झालावाड़, 14 जुलाई। जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने मंगलवार को अकलेरा उपखण्ड की ग्राम पंचायत सरखण्डिया एवं लसूड़ियाशाह तथा मनोहर थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत बांसखेड़ा एवं बांसखेड़ी मेवातियान में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविरों का निरीक्षण कर विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने विभागवार प्रगति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि ग्रामीण सेवा शिविरों का उद्देश्य केवल आवेदन प्राप्त करना नहीं, बल्कि मौके पर ही अधिकतम समस्याओं का समाधान कर आमजन को राहत प्रदान करना है।
निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर ने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का अवलोकन किया तथा अधिकारियों से प्राप्त आवेदनों, उनके निस्तारण की स्थिति एवं योजनाओं से लाभान्वित किए गए लोगों की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि शिविरों में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की समस्या को गंभीरता से सुना जाए तथा उसका गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए। किसी भी पात्र व्यक्ति को केवल प्रक्रिया के अभाव में योजनाओं से वंचित नहीं रहने दिया जाए।
इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं। ग्रामीणों द्वारा चारागाह भूमि पर अतिक्रमण, राशन वितरण में अनियमितता, सामाजिक सुरक्षा पेंशन नहीं मिलने, पेयजल एवं विद्युत संबंधी समस्याओं सहित अन्य मामलों से अवगत कराया गया। जिला कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण का मौके पर परीक्षण कर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आमजन से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा समस्याओं के समाधान में अनावश्यक विलंब करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
उन्होंने स्वामित्व योजना के अंतर्गत लंबित आवासीय पट्टों के प्रकरणों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण कर पात्र लोगों को पट्टों का वितरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि भूमि एवं राजस्व संबंधी विवादों का समाधान आपसी सहमति एवं राजस्व शिविरों के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, जिससे ग्रामीणों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें।
ग्राम पंचायत बांसखेड़ा एवं बांसखेड़ी मेवातियान में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत लेकर आए। उपखण्ड अधिकारी पी.के. मित्तल के निर्देशन में राजस्व विभाग द्वारा बांसखेड़ा में 36 खातों में खातेदारों के नामों का शुद्धिकरण किया गया। वहीं बांसखेड़ी मेवातियान में 26 खातेदारों के मध्य आपसी सहमति से भूमि का बंटवारा कर वर्षों से लंबित प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण किया गया।
बांसखेड़ा निवासी 60 वर्षीय मालमल ने बताया कि उनकी भूमि के खाते में कई वर्षों से नाम गलत दर्ज होने के कारण उन्हें लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। ग्रामीण सेवा शिविर में आवेदन प्रस्तुत करने पर मौके पर ही उनके नाम का शुद्धिकरण कर दिया गया, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली। उन्होंने इस त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया।
जिला कलेक्टर ने इन प्रकरणों को प्रशासन की जनहितकारी कार्यशैली का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि ग्रामीण सेवा शिविरों का उद्देश्य लोगों की समस्याओं का त्वरित, सरल एवं प्रभावी समाधान उपलब्ध कराना है। उन्होंने बांसखेड़ी मेवातियान में 26 खातेदारों के मध्य आपसी सहमति से भूमि बंटवारे जैसे जटिल प्रकरणों का सफल निस्तारण करने पर राजस्व विभाग की टीम की सराहना करते हुए कहा कि आपसी सहमति से विवादों का समाधान सामाजिक सौहार्द को भी मजबूत करता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों को प्राथमिकता से चिन्हित कर अधिकाधिक प्रकरणों का निस्तारण शिविरों के माध्यम से किया जाए।
जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता
शिविरों को संबोधित करते हुए जिला कलेक्टर ने कहा कि प्रत्येक अधिकारी संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र व्यक्ति पेंशन, खाद्य सुरक्षा, आवास, स्वामित्व, बिजली, पानी अथवा अन्य किसी भी जनकल्याणकारी योजना से वंचित न रहे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिविरों में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण किया जाए तथा जिन मामलों का मौके पर समाधान संभव है, उन्हें तत्काल निस्तारित किया जाए।
जिला कलेक्टर ने ग्रामीणों से अपील की कि वे सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं तथा किसी भी प्रकार की समस्या होने पर शिविरों अथवा संबंधित कार्यालयों के माध्यम से प्रशासन को अवगत कराएं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि जिला प्रशासन आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी प्रतिबद्धता एवं पारदर्शिता के साथ कार्य कर रहा है।
शिविरों के दौरान जिला कलेक्टर द्वारा लाभार्थियों को आवासीय पट्टों तथा पोषण किट का वितरण किया गया तथा आपसी सहमति से हुए भूमि बंटवारे के विभाजन पत्र भी प्रदान किए गए। लाभार्थियों ने मौके पर ही राजस्व संबंधी प्रकरणों के समाधान पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन का आभार जताया।
निरीक्षण एवं शिविरों के दौरान जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शम्भू दयाल मीणा, उपखण्ड अधिकारी पी.के. मित्तल, जनप्रतिनिधि दिनेश मंगल, विकास अधिकारी, तहसीलदार सहित विभिन्न विभागों के जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
