झालावाड़, 05 फरवरी। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सारोला कलाँ में नवनिर्मित कक्षा कक्षों का गुरुवार को जिला कलेक्टर श्री अजय सिंह राठौड़ ने विधिवत रूप से फीता काटकर एवं पट्टिका का अनावरण कर उद्घाटन किया।
उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला कलेक्टर ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की प्रगति का सबसे मजबूत आधार होती है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए केवल पाठ्यक्रम ही नहीं, बल्कि सुव्यवस्थित विद्यालय भवन, पर्याप्त कक्षा कक्ष, स्वच्छ वातावरण एवं मूलभूत सुविधाएँ भी अत्यंत आवश्यक हैं। नवनिर्मित कक्षा कक्ष विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराएंगे, जिससे उनका सर्वांगीण विकास संभव होगा।
जिला कलेक्टर ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। भामाशाहों द्वारा भी इस कार्य में राज्य सरकार का सहयोग प्रदान किया जाता रहा है। उन्होंने बताया कि स्वर्गीय लक्ष्मण मालव जी की स्मृति में उनके सुपुत्र लोकेश कुमार मालव, शुभम मालव एवं विनय मालव द्वारा 2 कक्षा कक्षों व बरामदें का 20 लाख रुपए की लागत से निर्माण करवाया जाना एक अतुलनीय कार्य है। इस दौरान उनकी माताजी संतोष बाई का जिला कलेक्टर ने शाल भेंट कर स्वागत सम्मान किया। साथ ही अतिथियों ने भी तीनो भाईयों का सम्मान किया।
उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यालयों के भवनों का सुदृढ़ीकरण एवं नवीन कक्षा कक्षों का निर्माण बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें अनुशासन, नैतिक मूल्यों एवं जीवनोपयोगी कौशलों से भी परिचित कराएं।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही वे अपने भविष्य को उज्ज्वल बना सकते हैं और समाज व राष्ट्र के विकास में योगदान दे सकते हैं। जिला कलेक्टर ने विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिए कि नवनिर्मित कक्षों का सही उपयोग सुनिश्चित किया जाए तथा स्वच्छता व रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने बच्चों व आमजन को नशे व मोबाइल की लत से दूर रहने का आग्रह किया।
इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूर्व संसदीय सचिव व पूर्व विधायक नरेंद्र नागर ने भामाशाह परिवार को धन्यवाद देते हुए कहा कि कक्षा कक्षों का निर्माण करवाकर जो पुण्य काम उन्होंने किया वो प्रेरणादायक है, समाज के और भी लोग इनसे प्रेरणा लें। इस कार्य से बच्चों को सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि हम सभी को फ़िज़ूल खर्ची और दिखावों को छोड़कर समाज सेवा के क्षेत्र में इस प्रकार के सामाजिक सरोकार के पुण्य कार्य करने चाहिए।
कक्षा कक्षों का नाम स्वतंत्रता सेनानियों चंद्रशेखर आज़ाद व छत्रपति शिवाजी के नाम पर रखा गया है।
कार्यक्रम के अंत में जिला कलेक्टर ने विद्यालय परिसर का अवलोकन किया। वहीं डॉ श्रीनाथ मालव ने अतिथियों का आभार व्यक्त करते स्वर्गीय लक्ष्मण मालव जी की जीवनी पर प्रकाश डाला। इस दौरान विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियाँ दी।
इस दौरान उपखण्ड अधिकारी रजत कुमार विजयवर्गीय, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी राम सिंह मीणा, तहसीलदार हेमराज कपूर, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सियाराम नागर, विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेंद्र कुमार सामरिया, स्टाफ एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
