Special report: Rajasthan
बारां/
हरनावदाशाहजी। कस्बे के व्यापारी नरेंद्र खंडेलवाल और नवलकिशोर गर्ग अपने परिवारों संग दुबई घूमने गए थे, लेकिन लौटने वाली फ्लाइट रद्द होने से वे एक दिन से दुबई में फंसे हैं। खुद के खर्चे पर नई होटल बुक कर रुके परिवारों को भारत व दुबई सरकार से कोई मदद न मिलने से आर्थिक व मानसिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। अतिरिक्त टैक्स व खाने-पीने का बोझ भी बढ़ गया है।परिवार छह दिन पूर्व दुबई पहुंचे थे। 1 मार्च को भारत लौटने वाली फ्लाइट अचानक कैंसल हो गई। मूल होटल से चेकआउट के बाद मजबूरी में नई होटल लेनी पड़ी। नरेंद्र खंडेलवाल ने इंटरनेट कॉल पर बताया, “होटल शुल्क के साथ दुबई सरकार का अतिरिक्त टैक्स देना पड़ रहा है। खाना-पानी सब खुद का इंतजाम।”रविवार को पर्यटक होटलों में ही दुबले रहे। सड़कें सुनसान, यातायात सीमित। पवन कुमार (नवलकिशोर के भाई) ने कहा, “सुरक्षित हैं, लेकिन नई फ्लाइट का इंतजार। अनिश्चितता से चिंता बनी है।” कस्बे में परिजन उनके संपर्क में हैं, सुरक्षित वापसी की प्रार्थना कर रहे।यह घटना विदेश यात्रा में फ्लाइट कैंसल की परेशानियों को उजागर करती है। दोनों परिवार अभी दुबई होटल में ठहरे हैं, नई फ्लाइट का इंतजार कर रहे।
