झालावाड़, दिनांक 01 अप्रैल 2026
झालावाड़ जिले के अकलेरा थाना क्षेत्र में 9 नवंबर 2025 को घटित रेणु हत्याकांड में फरार मुख्य आरोपी पति देवीकृपाल की लंबी दौड़ में मदद करने वाले 6 व्यक्तियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि आरोपी पति को फरारी में ठिकाना, फंड, सिम, आईडी और जानकारी देकर मदद करना धारा 249‑A बीएनएस के तहत अपराध माना जा रहा है, जिसमें अधिकतम 05 वर्ष की सजा का प्रावधान है।
पुलिस के अनुसार, नवंबर 2025 में गांव चंदीपुर थाना अकलेरा में देवीकृपाल ने अपनी पत्नी रेणु के साथ मारपीट कर हत्या कर दी और घटना को “सीढ़ियों से गिरने का हादसा” बताकर एक प्राइवेट अस्पताल में लाश छोड़कर फरार हो गया। पुलिस को शक होने पर मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया, जिससे मामला हत्या का निकला और पुलिस ने कोटा से देवीकृपाल को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में पता चला कि देवीकृपाल और उसका भांजा कोमल लगातार करीब साढ़े तीन माह तक फरारी काट रहे थे, जिसके दौरान विभिन्न लोगों ने उन्हें छुपाने और गिरफ्तारी से बचाने में सहयोग किया।
मददगारों पर क्या‑क्या आरोप
गिरफ्तार आरोपीगणों पर निम्न प्रकार की मदद करने के आरोप लग रहे हैं:
बिना आईडी रिकॉर्ड वाले नाम से होटलों और किराये के फ्लैट में कमरा देना, जहां आरोपी छुपे रहे।
नई सिम और दूसरे व्यक्तियों के पहचान‑पत्र का उपयोग कर कार की नंबर प्लेट बदलकर चलाना।
फोन पे व अन्य डिजिटल माध्यम से लाखों रुपये का लेन‑देन कर आरोपी को नकद राशि और आवश्यक सामग्री पहुंचाना।
व्हाट्सएप कॉल और व्यक्तिगत मिलकर जानकारी देना, ताकि पुलिस की गतिविधियों के बारे में भी आरोपी को पूर्व सूचना मिलती रहे।
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पुलिस ने फरारी में मदद करने वाले निम्न 06 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है:
रोशन पुत्र नरेन्द्र, जाति मीणा, निवासी तुरकाडिया, थाना अकलेरा
राहुल उर्फ ओमप्रकाश पुत्र गुलाबचंद, जाति मीणा, निवासी फोकरडा, थाना अकलेरा
नवीन पुत्र राजूलाल, जाति मीणा, निवासी उदपुरिया, थाना कामखेड़ा
ललित पुत्र घनश्याम, जाति मीणा, निवासी तुरकाडिया, थाना अकलेरा
ईकबाल पुत्र पीर अहमद, निवासी टेलिफोन एक्सचेंज के सामने, अकलेरा
जावेद पुत्र छूटटन खान, निवासी नई बस्ती, अकलेरा, थाना अकलेरा
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन सभी पर फरार अपराधी को संश्रय देने और गिरफ्तारी से बचाने के आरोप हैं, जिसके लिए अब कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा रही है। झालावाड़ पुलिस की इस कार्रवाई से आम जनता में विश्वास और अपराधियों में भय दोनों बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
