झालावाड़, 02 फरवरी। राजस्थान के उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचन्द बैरवा ने सोमवार को सर्किट हाउस, झालावाड़ में केन्द्रीय बजट 2026-27 को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के यशस्वी नेतृत्व में प्रस्तुत यह बजट ऐतिहासिक है और इसमें देश की नारीशक्ति का सशक्त प्रतिबिंब स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
डॉ. बैरवा ने कहा कि केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा लगातार नौवीं बार बजट प्रस्तुत कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया गया है। यह बजट वर्तमान की आकांक्षाओं को साकार करने के साथ-साथ भारत के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखता है और 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में एक ठोस आधार प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि यह बजट ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ को नई गति और ऊर्जा देता है। ट्रस्ट बेस्ड गवर्नेंस और ह्यूमन सेंट्रिक इकोनॉमी के विजन को साकार करते हुए इसमें फिस्कल डेफिसिट को कम करने, महंगाई नियंत्रण तथा हाई कैपेक्स और हाई ग्रोथ के बीच संतुलन स्थापित किया गया है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में भारत की वैश्विक भूमिका को और अधिक सुदृढ़ करने के प्रयास किए गए हैं। भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के संकल्प को साकार करने की दिशा में यह बजट मील का पत्थर साबित होगा। हालिया ट्रेड डील्स का अधिकतम लाभ युवाओं और एमएसएमई सेक्टर को मिले, इसके लिए बजट में बड़े कदम उठाए गए हैं।
डॉ. बैरवा ने बताया कि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ को नई रफ्तार देने के लिए बायोफार्मा शक्ति मिशन, सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग, रेयर अर्थ कॉरिडोर, क्रिटिकल मिनरल्स, टेक्सटाइल सेक्टर और हाई-टेक टूल मैन्युफैक्चरिंग जैसी योजनाएं दूरदर्शी सोच का परिचायक हैं। एमएसएमई सेक्टर को मिला समर्थन उन्हें लोकल से ग्लोबल बनने की शक्ति देगा।
उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास तथा म्युनिसिपल बॉन्ड्स को बढ़ावा जैसे कदम विकसित भारत की यात्रा को तेज करेंगे।
उपमुख्यमंत्री ने इसे “युवा शक्ति बजट” बताते हुए कहा कि मेडिकल हब्स, एलाइड हेल्थ, ऑरेंज इकोनॉमी (ऑडियो-विजुअल्स व गेमिंग), पर्यटन, खेलो इंडिया और डेटा सेंटर हब के लिए टैक्स छूट जैसे प्रावधान युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर खोलेंगे।
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण को विशेष प्राथमिकता देते हुए 10 करोड़ से अधिक महिलाओं से जुड़े सेल्फ हेल्प ग्रुप्स के लिए आधुनिक इकोसिस्टम विकसित करने पर बल दिया गया है। साथ ही हर जिले में छात्राओं के लिए नए हॉस्टल निर्माण से शिक्षा को और अधिक सुलभ बनाया जाएगा।
डॉ. बैरवा ने बताया कि कृषि, डेयरी, फिशरीज और पशुपालन को भी बजट में विशेष महत्व दिया गया है। नारियल, काजू, कोको और चंदन उत्पादक किसानों के लिए नए प्रावधान तथा भारत विस्तार एआई टूल के माध्यम से किसानों को उनकी भाषा में जानकारी उपलब्ध कराने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
अंत में उन्होंने कहा कि यह बजट महत्वाकांक्षी, भविष्यपरक और गांव-गरीब-किसान के कल्याण को समर्पित है।
इस दौरान मनोहरथाना विधायक गोविंद रानीपुरिया, पूर्व विधायक निर्मल सकलेचा, पूर्व विधायक नरेंद्र नागर, आरपीएससी के पूर्व चेयरमैन श्याम सुंदर शर्मा, जिला प्रभारी छगन माहुर, जिलाध्यक्ष हर्षवर्धन शर्मा, नगर परिषद सभापति प्रदीप सिंह राजावत, जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़, पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सहित प्रिन्ट व इलेक्ट्रानिक मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
