जनमत हलचल ब्यूरो रिपोर्ट
झालावाड़, 04 फरवरी। राज्य सरकार द्वारा गौवंश संरक्षण एवं संवर्धन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत स्तर पर गौशालाओं तथा पंचायत समिति स्तर पर नन्दीशालाओं की स्थापना की जा रही है। इसी क्रम में पशुपालन विभाग द्वारा संबंधित ग्राम पंचायतों, संस्थाओं एवं गौशालाओं से निविदाएं आमंत्रित की गई हैं।
पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक टी.ए. बंसोड ने बताया कि इन योजनाओं के अंतर्गत आवेदन की अंतिम तिथि 16 फरवरी 2026 निर्धारित की गई है। आवेदन कार्यालय संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग मिनी सचिवालय में ऑफलाईन निर्धारित शुल्क जमा करवाकर कर सकते हैं।
ग्राम पंचायत गौशाला – सहभागिता पशु आश्रय स्थल योजना
इस योजना के तहत ग्राम पंचायत गौशाला का निर्माण लगभग 1 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। योजना की कुल लागत में से 90 प्रतिशत राशि राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी, जबकि 10 प्रतिशत अंशदान संबंधित संस्था / ग्राम पंचायत द्वारा किया जाएगा।
योजना की प्रमुख शर्तें
* आवेदक ग्राम पंचायत, संस्था व गौशाला के पास कम से कम 5 बीघा (लगभग 8,000 वर्ग मीटर) भूमि स्वयं के नाम पर होना अनिवार्य।
* भूमि विवादमुक्त एवं निर्माण योग्य हो।
* जिले में 8 ग्राम पंचायत गौशालाओं की स्थापना की प्रक्रिया वर्तमान में प्रगतिरत है, जिनमें ग्राम पंचायत तारज, धानोदाकलां, कंवल्दा, आंकखेड़ी, गणेशपुरा गरनावद, गुराड़ियाजोगा, रामपुरिया, पीपलियाखुर्द शामिल है। विभाग द्वारा वर्तमान में 195 गौशाला विहिन ग्राम पंचायतों के लिए निविदा जारी की गई है।
पंचायत समिति स्तरीय नन्दीशाला की स्थापना
पंचायत समिति स्तर पर नन्दीशाला की स्थापना हेतु 1.57 करोड़ रुपये की लागत निर्धारित की गई है। जिले की कुल 8 पंचायत समितियों में से झालरापाटन पंचायत समिति में नन्दीशाला का निर्माण कार्य प्रगतिरत है, जबकि शेष 7 पंचायत समितियों के लिए निविदाएं जारी की गई हैं।
योजना की प्रमुख शर्तें
आवेदक संस्था व गौशाला के पास कम से कम 10 बीघा (लगभग 16,000 वर्ग मीटर) भूमि स्वयं के नाम पर होना आवश्यक है। साथ ही भूमि सभी वैधानिक मापदंडों के अनुरूप हो।
संयुक्त निदेशक ने पात्र संस्थाओं, ग्राम पंचायतों एवं गौशालाओं से आग्रह किया है कि वे निर्धारित शर्तों की पूर्ति करते हुए 16 फरवरी 2026 तक आवेदन प्रस्तुत करें, ताकि जिले में गौवंश संरक्षण की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।
