जनमत हलचल ब्यूरो 
झालावाड़, 04 फरवरी। संतरा उत्कृष्टता केन्द्र, झालरापाटन में उद्यान विभाग द्वारा पंच गौरव कार्यक्रम के तहत ‘संतरा फल’ पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला जिले की सभी तहसीलों से 100 प्रगतिशील कृषकों की भागीदारी के साथ सम्पन्न हुई, जो संतरा बगीचों की स्थापना एवं उत्पादन में रुचि रखते थे।
कार्यशाला का उद्घाटन डॉ. मधुसूदन आचार्य, पूर्व अधिष्ठाता द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने संतरा फल एवं अन्य उद्यानिकी उत्पादों में जैविक पद्धतियों से उत्पादन, प्रमाणीकरण तथा विपणन के विषय में विस्तृत जानकारी दी।
उप निदेशक उद्यान सुभाष चन्द्र शर्मा ने कृषकों को जिले में संतरा उत्पादन की वर्तमान स्थिति, चुनौतियों तथा समाधान पर जानकारी दी। इसके बाद, कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. यूनूस खान, डॉ. तुलिका आचार्य, हॉर्टिकल्चर कॉलेज के विशेषज्ञ डॉ. राहुल चोपड़ा, डॉ. सुरेश कुमार जाट एवं ओ.पी. यादव ने संतरा बगीचों की उन्नत तकनीक, कीट एवं व्याधि नियंत्रण, और पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट के बारे में अद्यतन जानकारी प्रदान की।
कार्यशाला में सहायक निदेशक उद्यान छोटू सिंह काजला और हरिशंकर कोली द्वारा कृषकों के साथ समस्याओं पर चर्चा की गई और समाधान प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान, प्रशिक्षण प्रभारी सुनिता नागर, कृषि अधिकारी उद्यान ने कृषकों को संतरा उत्कृष्टता केन्द्र के विभिन्न भागों जैसे कि संतरा मदर ब्लॉक, नर्सरी सेक्शन और जैविक उत्कृष्टता केन्द्र का भ्रमण करवाया और वहां चल रही गतिविधियों की जानकारी दी।
कार्यशाला के समापन पर एक प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले कृषकों को उप निदेशक उद्यान द्वारा पुरस्कृत किया गया।
कृषकों ने कार्यशाला के आयोजन पर संतोष व्यक्त करते हुए फीडबैक में बताया कि यह कार्यक्रम उनके लिए अत्यन्त लाभकारी रहा। साथ ही, उन्होंने संतरा बगीचों के पोषण और रखरखाव पर विशेष ध्यान देने का संकल्प लिया। यह कार्यशाला जिले में संतरा उत्पादन को बढ़ावा देने एवं कृषकों को उन्नत तकनीकों से सशक्त बनाने में सहायक साबित हुई है।
