झालावाड़, 10 अगस्त। जिले में सोमवार को हुई अत्यधिक भारी बारिश के दौरान कर्तव्यनिष्ठा, त्वरित निर्णय क्षमता और मानवीय संवेदनाओं का ऐसा उदाहरण देखने को मिला, जिसने प्रशासन और आमजन के बीच विश्वास को और मजबूत किया। रायपुर तहसील के ग्राम कचराखेड़ी में लगभग छह घंटे में हुई 262 मिमी वर्षा के कारण चारों ओर जलभराव और तेज जलप्रवाह की स्थिति बन गई। इसी दौरान विद्यालयों की छुट्टी होने पर राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय एवं समीपवर्ती निजी विद्यालय के कई मासूम बच्चे जलभराव वाले क्षेत्र में फंस गए।
स्थिति की गंभीरता की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस एवं स्थानीय ग्रामीण तत्काल सक्रिय हो गए। सभी विभागों ने समन्वित प्रयास करते हुए राहत एवं बचाव अभियान चलाया और जलभराव से घिरे प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित विद्यालय से बाहर निकालकर सकुशल उनके घरों तक पहुंचाया।
*संकट की घड़ी में प्रशासन ने दिखाई संवेदनशीलता*
घटना की जानकारी मिलते ही जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़, पुलिस अधीक्षक अमित कुमार एवं उपखंड अधिकारी दिनेश मीणा तत्काल मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों की कमान संभाली। अधिकारियों ने स्वयं मौके पर रहकर पूरे अभियान की निगरानी की तथा संबंधित टीमों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए यह सुनिश्चित किया कि किसी भी बच्चे की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।
*हर बच्चे की सुरक्षित घर वापसी बनी सर्वोच्च प्राथमिकता*
जिला कलक्टर ने बताया कि अत्यधिक वर्षा के कारण क्षेत्र में तेज जलप्रवाह एवं व्यापक जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। विद्यालयों की छुट्टी होने के कारण बच्चों के बाहर निकलने में कठिनाई आई। सूचना मिलते ही प्रशासन ने पुलिस जवानों, एसडीआरएफ एवं सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों के सहयोग से तत्काल राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ किया। सभी बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू कर उनके घरों तक पहुंचाया गया तथा पूरे घटनाक्रम में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
*अभिभावकों की चिंता के बीच उम्मीद बना प्रशासन*
जब चारों ओर पानी का घेरा था, तब विद्यालय में फंसे बच्चों और शिक्षकों के चेहरों पर चिंता स्पष्ट दिखाई दे रही थी, वहीं अभिभावकों की आंखों में अपने बच्चों की सलामती को लेकर बेचौनी थी। ऐसे कठिन समय में प्रशासनिक तंत्र ने केवल एक व्यवस्था के रूप में नहीं, बल्कि भरोसे और संवेदना के रूप में अपनी भूमिका निभाई। राहत दलों की तत्परता और ग्रामीणों के सहयोग से बच्चों को सुरक्षित निकालने का अभियान सफलतापूर्वक पूरा हुआ।
*समन्वय, साहस और सेवा भावना का प्रेरक उदाहरण*
जिला प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया, विभिन्न विभागों के बीच उत्कृष्ट समन्वय, पुलिस एवं बचाव दलों की मुस्तैदी तथा स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से संभावित जोखिम को समय रहते टाल दिया गया। प्रतिकूल मौसम, तेज बारिश और जलभराव जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में राहत एवं बचाव दलों ने अपनी जिम्मेदारी को कर्तव्य से आगे बढ़कर निभाया।
जिला प्रशासन ने जिले में जारी भारी बारिश एवं जलभराव की स्थिति को देखते हुए सभी संबंधित अधिकारियों, आपदा प्रबंधन दलों एवं बचाव एजेंसियों को पूर्ण सतर्कता बनाए रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
आज कचराखेड़ी के बच्चों की सुरक्षित मुस्कान उन सभी कर्मवीरों के साहस, समर्पण और सेवा भावना की सबसे बड़ी पहचान बन गई, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी यह सुनिश्चित किया कि हर बच्चा सुरक्षित रहे और हर परिवार के चेहरे पर सुकून लौटे.
रिपोर्ट -बृजमोहन शर्मा
