- बारां/हरनावदाशाहजी
। छीपाबड़ौद मार्ग स्थित हरनावदाशाहजी के सबसे बड़े सरकारी स्कूल राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों और कर्मचारियों की भारी कमी के कारण पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। इस कैलेंडर वर्ष के आधे शैक्षणिक सत्र बीत जाने के बाद भी 20 से अधिक महत्वपूर्ण पद रिक्त हैं।विद्यालय में 900 से अधिक छात्र नामांकित हैं, जबकि शिक्षकों की संख्या मात्र 16 है। इनमें केवल 13 पुरुष और 3 महिला शिक्षक, एक पीटीआई तथा एक लाइब्रेरियन शामिल हैं। प्रधानाचार्य, संस्कृत व्याख्याता, कंप्यूटर शिक्षक, स्पेशल एजुकेटर, वरिष्ठ सहायक, वरिष्ठ लिपिक और दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पद लंबे समय से खाली हैं।एलडीसी का पद ख़ाली होने के कारण शिक्षकों को प्रशासनिक कार्य भी संभालना पड़ रहा है, जिससे वे अपना शैक्षणिक कर्तव्य पूरा नहीं कर पा रहे हैं। छात्रों ने बताया कि कई बार शिक्षक कक्षाओं में नहीं आते, जिससे पढ़ाई का समय बर्बाद हो जाता है।सरकार ने इस वर्ष विद्यालय में वाणिज्य, विज्ञान और कृषि संकाय खोलने की घोषणा की, लेकिन संबंधित विषयों के शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होने के कारण छात्रों को सीमित मार्गदर्शन मिल रहा है। अभिभावक एवं विद्यार्थी विभाग से जल्द नियुक्ति की मांग कर रहे हैं।कार्यवाहक प्रधानाचार्य महेंद्र नागर ने कहा कि यदि जल्द शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होती है तो विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता और परिणामों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
